साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। वज्र पानी पिबेच्चांगे डाकिनी डापिनी रक्षोव सर्वांगे। साधक, अनुष्ठान, जप के बाद भी नियमित मंत्र जप करते रहें। प्राचीन तंत्र शास्त्रों पर विश्वास कर साधना करें । ॐ काला भैरू, कपिला केश। काना कुंडल भगवा वेष। https://saddamm776fqd0.blog-eye.com/profile